Congress News: दिल्ली में हिमाचल कांग्रेस के नेताओं को हाइकमान ने पढ़ाया पाठ ddnewsportal.com

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Congress News: दिल्ली में हिमाचल कांग्रेस के नेताओं को हाइकमान ने पढ़ाया पाठ, लंबे समय से हार रही इन सीटों पर भी मंथन...

दिल्ली पंहुचे हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को कांग्रेस आलाकमान ने एकजुटता का पाठ पढ़ाया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिमाचल के कांग्रेस नेताओं के साथ चुनावों को लेकर बैठक की। आपसी समन्वय से राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। खरगे, राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने हिमाचल के 33 नेताओं के साथ बैठक कर कहा कि हमीरपुर संसदीय सीट पर पार्टी लंबे समय से हार रही है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव का टिकट तय करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने प्रत्याशियों की सूची मांगी है। पार्टी प्रत्याशी जल्द तय करने की मांग पर हाईकमान ने प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को निर्देश दिए गए कि जल्द अपने स्तर पर जिताऊ प्रत्याशियों का चयन कर सूची भेजें। पार्टी ने टिकट देने से पहले सर्वे कराने का भी फैसला किया है।


कांगड़ा-शिमला में भी लगातार तीन चुनावों में हार मिली है। पुरानी गलतियों को अब दोहराया नहीं जाएगा। पार्टी सर्वे कर प्रत्याशी के चयन को लेकर जनता-कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलेगी। उसी को प्रत्याशी बनाया जाएगा, जिसका जनाधार होगा और जीत की क्षमता रखता होगा।

सरकार-संगठन को पढ़ाया एकता का पाठ-

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने बैठक में सरकार और संगठन को एकता का पाठ भी पढ़ाया। कहा, दोनों में बेहतर समन्वय से ही चारों सीटों पर जीत मिल सकती है। प्रदेश के नेताओं को आपसी मनमुटाव अलग रख पार्टी की मजबूती के लिए काम करने की नसीहत भी दी। यह भी कहा गया कि प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस खुद चुनाव लड़ेगी। इंडिया गठबंधन के साथ सीटों का यहां कोई समझौता नहीं होगा। 

निगम-बोर्डों में आम चुनाव से पहले कर लें नियुक्तियां-

कांग्रेस हाईकमान ने सरकार को बोर्ड और निगमों में जल्द नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए हैं। केंद्रीय नेताओं ने कहा कि नियुक्तियां करने में पहले ही एक साल की देरी हो चुकी है। लोस चुनाव तक मामला नहीं लटकना चाहिए। नियुक्तियों में संगठन के प्रति समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ताओं को तरजीह देने का स्पष्ट संदेश भी दिया। दो नवनियुक्त मंत्रियों को जल्द विभाग आवंटित करने, असंतुष्ट नेताओं को साथ लेकर चलने का पाठ भी पढ़ाया। चारों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए कोई कसर न छोड़ें। अगर कोई नेता अगर सरकार या संगठन से नाराज है तो उसकी बात सुनकर हल निकालें। गुटबाजी के लिए जगह नहीं रहनी चाहिए।