Paonta Sahib: 14वीं NDRF बटालियन का पाँवटा साहिब कॉलेज में आपदा जागरूकता कार्यक्रम, दी अहम जानकारी ddnewsportal.com

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Paonta Sahib: 14वीं NDRF बटालियन का पाँवटा साहिब कॉलेज में आपदा जागरूकता कार्यक्रम, दी अहम जानकारी

16 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक जिला सिरमौर में चल रहे क्षेत्र परिचितता अभ्यास (FAMEX) के अंतर्गत 14वीं बटालियन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), जस्सूर, जिला कांगड़ा ने आज श्री गुरु गोबिंद सिंह जी राजकीय महाविद्यालय, पांवटा साहिब में प्राचार्य डॉक्टर जगदीश चौहान की अध्यक्षता में "आपदा तैयारी एवं बाढ़ सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम" का आयोजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ले. संदीप शर्मा के स्वागत भाषण से हुआ। बटालियन के उप-निरीक्षक अनिल कुमार एवं उनकी टीम ने छात्रों को FAMEX के उद्देश्य बताए। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से NDRF के जवान स्थानीय भूभाग, आपदा संभावित क्षेत्रों, संसाधनों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय को समझते हैं ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।टीम ने प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, बादल फटना और मानव निर्मित आपदाओं के कारणों, प्रभावों व बचाव उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मानसून के दौरान बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से बचाव पर विशेष बल दिया गया। छात्रों को मौसम की चेतावनियों का पालन करने, उफनती नदियों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई।

NDRF टीम ने जीवन रक्षक कौशलों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसमें CPR, FBAO (हेमलिच तकनीक), टूर्निकेट का प्रयोग और घायल को सुरक्षित निकालने के तरीके शामिल थे। आपदा के समय कंबल, टी-शर्ट या बोरों के प्रयोग से अस्थायी स्ट्रेचर बनाने की तकनीक भी प्रदर्शित की गई।इसके साथ ही टीम ने आग लगने के कारणों, "आग के त्रिकोण" और विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग के बारे में जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि आग की स्थिति में घबराए बिना कैसे तुरंत और सुरक्षित नियंत्रण किया जा सकता है। छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सभी तकनीकों को सीखा।

आपदा प्रबंधन टीम की संयोजक प्रो. विम्मी रानी ने NDRF टीम के इस जागरूकता अभियान की सराहना की एवं उनका धन्यवाद किया और भविष्य में भी इस तरह के मॉकड्रिल एवं प्रदर्शन को नियमित रूप से आयोजित करने की अपील की, ताकि छात्र आपदा के समय स्वयं और समाज की मदद कर सकें। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. जगदीश चौहान ने सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए NDRF की टीम का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से छात्रों में आत्मविश्वास और आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ती है। 

इस अवसर पर डॉ. ध्यान सिंह तोमर, प्रो. दीपक, प्रो. संजीव, प्रो. कांता चौहान, प्रो. दिनेश, प्रो. नंदिनी कंवर, प्रो. नीलम अंगिरस, प्रो. कमलेश, प्रो. कल्याण राणा, ले. संदीप शर्मा, ले. डॉ. पूजा भाटी सहित 120 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन NDRF की भूमिका, बचाव, राहत और जन-जागरूकता पर चर्चा के साथ हुआ। NDRF टीम ने महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग के लिए धन्यवाद किया।