विधायक बनने को हाटी का इस्तेमाल और अब विरोध ddnewsportal.com

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विधायक बनने को हाटी का इस्तेमाल और अब विरोध

हाटी विकास मंच ने लगाया आरोप, जातिवाद का जहर घोलने वालों की नहीं खैर।

हाटी विकास मंच ने आज हाटी का विरोध करने वालों को चेताया है कि वह क्षेत्र में जातिवाद का जहर घोलना बंद कर दें वरना परिणाम अच्छे नही होंगे। शिमला में मीडिया से बातचीत में मंच के मुख्य प्रवक्ता डॉ रमेश सिंगटा, अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा और उनकी पूरी टीम ने ने कहा कि हाटी के हितों की राह में रोड़ा अटकाने वालों की अब खैर नहीं होगी। उन्होंने गिरिपार के समाज में

जातिवादी का जहर घोलने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वह नहीं सुधरे तो फिर पैदा होने वाली परिस्थितियों के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। उन्होंने रेणुका के पूर्व विधायक पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने विधायक बनना था तब हाटी के हितों की पैरवी की लेकिन अब अपनी पेंशन मिल रही है तो हाटियों को टेंशन दे रहे हैं। समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा अटका रहे हैं। उन्होंने सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता को भी चेतावनी दी कि वह भी अपने आचरण में सुधार करें और हाटी विरोधी रवैया छोड़े और उनके पक्ष की बातें करें। क्योंकि भाजपा ने ही अपने घोषणापत्र में हाटी

को एसटी का दर्जा दिलाने का वादा किया है। अगर भाजपा का कोई भी नेता हाटी का विरोध करता है तो वह मिशन रिपीट में सबसे बड़ा बाधक बनेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे नेताओं को गिरिपार में प्रवेश करने पर पाबंदी लगाएंगे। अगर फिर भी नहीं सुधरे तो उनका घेराव किया जाएगा। चाहे वह किसी भी दल का कितना ही बड़ा नेता क्यों न हों। इस मौके पर मंच के सचिव दलीप सिंगटा, उपाध्यक्ष गोविंद राणा, दीपक चौहान, कपिल चौहान, फकीर नेगी, बंसी ठाकुर, गोपाल ठाकुर, नीटू चौहान, दीपक चौहान, सुरेश सिंगटा, वकील श्याम चौहान, सलाहकार मदन तोमर, मीडिया प्रभारी रविन्द्र जस्टा, एचपीयू के हाटी रिसर्च विंग के मुख्य सलाहकार  कपिल कपूर, प्रदीप ठाकुर शंक्वान आदि मौजूद रहे।