97 फीसदी कारगर वैक्सीन हिमाचल में....... 25 मई 2021- पांवटा साहिब से आज का खबर नामा- ddnewsportal.com

97 फीसदी कारगर वैक्सीन हिमाचल में.......  25 मई 2021- पांवटा साहिब से आज का खबर नामा- ddnewsportal.com

97 फीसदी कारगर वैक्सीन हिमाचल में.......

25 मई 2021- पांवटा साहिब से आज का खबर नामा 

विदेशी मदद, रूसी हिमाचल में, 5 और ऑक्सीजन प्लांट, टेली परामर्श सेवा, बागानों मे सिर्फ चाय, हरी झंडी पर बवाल, कोटा 40 मीट्रिक टन, 400 खिलाड़ी और 6 हजार घर सेनिटाईज, मौसम.......और कोविड बुलेटिन।

1- स्पुतनिक का हिमाचल मे उत्पादन।

रूस द्वारा विकसित कोरोना के नियंत्रण में 97.6 प्रतिशत तक कारगर वैक्सीन स्पुतनिक वी का अब हिमाचल प्रदेश मे उत्पादन होगा। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में बड़े पैमाने पर इसके उत्पादन की मंजूरी की सूचना है। पनेशिया बॉयोटेक कंपनी को पहली बार इतनी बड़ी असाइनमेंट मिली है। यहां बनने वाली वैक्सीन की गुणवत्ता की देख-देख रूस से की जाएगी। इसकी आपूर्ति भी रूस को ही जाएगी। बताया जा रहा है कि रूस ने भारत में स्पूतनिक वी की 18 मिलियन खुराक भेजने की योजना की घोषणा की है, जिसमें मई माह में 30 लाख, जून में 50 लाख और जुलाई में 10 मिलियन खुराक शामिल है।

सूत्रों के अनुसार भारत सरकार के ड्रग कंट्रोलर की ओर से रूस के आरडीआईएफ और पनेशिया बॉयोटेक को इस बाबत मंजूरी मिल चुकी है। पनेशिया बॉयोटेक के एमडी डॉ. राजेश जैन ने बताया कि इस करार से हम देश और विश्व में इस महामारी को रोकने में बड़ा योगदान दे सकेंगे। गौर हो कि बीबीएन एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब है जहां से देश सहित विश्व के कोने-कोने में दवाओं की आपूर्ति की जाती है। यहां पनेशिया बॉयोटेक और आरडीआईएफ एक वर्ष में स्पूतनिक वी की 100 मिलियन खुराक का उत्पादन करेगी। उधर, हालांकि राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने कहा कि फिलहाल मामला उनके संज्ञान में नहीं है। कंपनी और भारत सरकार के उच्चाधिकारियों के बीच इस बाबत बात हुई है।

2- विदेशों ने हिमाचल की दिल खोलकर की मदद।

कोविड-19 से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश को विदेशों से दिल खोलकर मदद मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो कोरोना महामारी से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश को विदेशों और देश की विभिन्न संस्थाओं से उदार सहायता प्राप्त हो रही है। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विदेशों से प्राप्त हुई मदद में यूएई से 196900 तीन लेयर मास्क, 480 फैबीपिरवीर टेवलेट, 15500 गाउन, 22400 गाॅगल्ज, कजाकिस्तान से 57720 तीन लेयर मास्क, यूनाईटेड स्टेट्स से 80010 एन-95 मास्क, ताइवान से 185 बी-टाईप आॅक्सीजन सिलेंडर, यूनाइटेड किंगडम से 36 आॅक्सीजन कंसन्ट्रेटर व 350 डी-टाईप आॅक्सीजन सिलेंडर, कुवैत से 73 बी-टाईप आॅक्सीजन सिलेंडर और 100 डी-टाईप आॅक्सीजन सिलेंडर, 77 पिन-टाईप छोटे आॅक्सीजन सिलेंडर, 30 पिन-टाईप बड़े आॅक्सीजन सिलेंडर व 78 बी व डी-टाईप रेग्युलेटर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि चीन से 150 आॅक्सीजन कंसन्ट्रेटर,  साउथ कोरिया से 100 बी-टाइप आॅक्सीजन सिलेंडर, 100 पिन लार्ज बी-टाइप आॅक्सीजन रेग्यूलेटर, 100 नेजल कैनुला व 2500 स्टेंडर्ड क्यू एजी टेस्ट किट, सिंगापुर से 242 एंप्लाई आॅक्सीजन सिलेंडर 2 लीटर के व 46 एंप्लाई आॅक्सीजन सिलेंडर 40 लीटर के,  फिनलेंड से 60 आॅक्सीजन सिलेंडर 50 लीटर डी-टाइप व 26 आॅक्सीजन सिलेंडर 10 लीटर डी-टाइप, स्विटजरलैंड से 50 वेंटिलेटर, कनाड़ा से 20 वेंटिलेटर एसेसरीज, स्पेन से 41 वेंटिलेटर (जोल), मिश्र (इजिप्ट) से 10 वेंटिलेटर, यूएसए से 28832 वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया टूल्ज, ओमान से 10 टेमीजिवा टोसिलिजुमल 400 एमजी और आॅस्ट्रेलिया से 50 ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि मदद के रूप में प्राप्त हुई चिकित्सा से संबंधित सामग्री व उपकरणों को प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यकतानुसार भेजा जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मदद राज्य में कोरोना महामारी को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

3- केन्द्र सरकार ने प्रदेश के लिए पांच और पीएसए प्लांट किये स्वीकृत: मुख्यमंत्री

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार ने प्रदेश के लिए पांच और पीएसए प्लांट स्वीकृत किए हैं, इन्हें डीआरडीओ के समन्वय से स्थापित किया जाएगा। इनमें से दो प्लांट आईजीएमसी शिमला तथा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन और मिल्ट्री अस्पताल योल में एक-एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर प्लांट की

क्षमता 1000 एलपीएम होगी। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त आईजीएमसी शिमला में 20 किलो लीटर क्रायोजैनिक टैंक स्थापित किया गया है और आगामी कुछ दिनों में इसे क्रियाशील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में आॅक्सीजन उत्पादन की स्थापित क्षमता 85 मीट्रिक टन प्रतिदिन है और उपयोगिता क्षमता 67 मीट्रिक टन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 56 मीट्रिक टन आॅक्सीजन का उपयोग हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6500 डी-टाइप सिलेण्डर और 2250 बी-टाइप सिलेण्डर हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में 15 किलो लीटर लिक्विड आॅक्सीजन क्रायो सुविधा कार्यशील है और आईजीएमसी में लगभग 350 डी-टाइप क्षमता का एयर पृथीकरण यूनिट कार्यशील है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में राज्य में अतिरिक्त चिकित्सीय आॅक्सीजन की सुविधा का सृजन किया गया है।  जय राम ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ माह से प्रदेश में छः पीएसए प्लांट बनाए गए हैं और डा. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चम्बा, डाॅक्टर राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर, जोनल अस्पताल धर्मशाला, डीडीयू शिमला और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक में कार्यशील है। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल पालमपुर और मातृ एवं शिशु जोनल अस्पताल मंडी में 1000 एलपीएम के दो पीएसए प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।

4- टेली परामर्श सेवाएं प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश देश का अग्रणी राज्य।

टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। कोविड-19 महामारी के दौरान यह सेवा लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि एम्स बिलासपुर में ई-संजीवनी ओपीडी सेवा आरम्भ होने के प्रथम दिन ही 60 रोगियों को टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रदान की गईं। उन्होंने बताया कि इस माह राज्यभर में ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से परामर्श में वृद्धि दर्ज की गई है। ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से परामर्श में ज़िला कांगड़ा ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कांगड़ा जिला में 384, शिमला में 230 और हमीरपुर में 159 रोगियों को इस सेवा के माध्यम से परामर्श प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि ई-संजीवनी सेवा के माध्यम से राज्य में अब तक 80,062 परामर्श प्रदान किए गए हैं। सोलन जिला में हेल्थ एण्ड वैलनेस केन्द्रों में माध्यम से सबसे अधिक 18,470 परामर्श दिए गए हैं जबकि मंडी में 14,888 और कांगड़ा में 13,524 परामर्श किए गए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि गैर विशेषज्ञ उपचार के लिए 36,702 परामर्श, चिकित्सा उपचार के लिए 16,001 परामर्श, शिशु रोग विशेषज्ञता के लिए 7,914 परामर्श, प्रसूति एवं स्त्री रोग के लिए 7,586 परामर्श और परामर्श मनोचिकित्सा के लिए 4,907 परामर्श प्रदान किए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सा अधिकारियों ने हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्रों को 23,811 परामर्शों में सहयोग प्रदान किया है। आईजीएमसी शिमला, डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचैक मंडी में विशेषज्ञ हब के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। डाॅ. राधाकृष्णन चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में विशेषज्ञ हब स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है।

5- चाय बागानों के नाम पर हजारों एकड़ जमीन बेचने का सपना छोड़ दो।

हिमाचल प्रदेश में अब चाय बागानों के नाम पर हजारों एकड़ जमीन बेचने का सपना अब छोड़ ही दीजिए। वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में चाय बागानों की 2000 हजार बीघा भूमि का उपयोग बदलकर बेच दी है, जबकि यह नियमों और कायदों के खिलाफ है। मंत्रिमंडल ने इस संबंध में पूर्व में किए संशोधनों को वापस लेकर चाय बागानों की जमीन का लैंड यूज बदल कर बेचने की प्रथा पर नकेल कसने का फैसला लिया है। प्रदेश में लैंड सीलिंग एक्ट के दायरे से चाय बागानों की भूमि को बाहर रखा गया था। अन्य निजी भूमि की सीमा तय कर दी। कोई भी व्यक्ति तय सीमा से अधिक अपने पास जमीन नहीं रख सकता था। यह कदम भूमिहीनों और गरीबों को जमीन देने के लिए उठाया गया था। चाय बागानों की सीमा इसलिए नहीं रखी गई थी, क्योंकि इन बागों को विकसित करने के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत रहती है। पूर्व सरकार के सत्ता में रहते हुए चाय बागानों का लैंड यूज बदलकर जमीन बेची गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब दो हजार बीघा जमीन का लैंड यूज बदलकर बेची जा चुकी है। इसके अलावा काफी जमीन अवैध रूप से भी बेची गई है। बताते हैं कि पालमपुर में करीब 20 लाख रुपये प्रति बिस्वा तक जमीन का रेट है। चाय बागानों के नाम जमीन न बिक सके, इसके लिए सरकार पुराने संशोधनों को वापस लेगी। प्रदेश के राजस्व, जलशक्ति एवं बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह कहते हैं कि करीब दो हजार बीघा जमीन की लैंड यूज बदल कर चाय बागानों की जमीन बेची गई है। अवैध रूप से भी चाय बागानों की जमीन का सौदा किया गया है। इन चाय बागानों की जमीन न बिके, इसके लिए लैंज सीलिंग एक्ट में संशोधन वापस लेंगे।

6- विधायकों की गाड़ी को हरी झंडी, पर बवाल।

गत दिवस आयोजित हुई हिमाचल कैबिनेट की बैठक में विधायकों को गाड़ी पर झंडी लगाने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी गई है। यह मंत्रियों की झंडी से अलग होगी। इसमें तिरंगा नहीं लगाया जा सकेगा। प्रदेश विधानसभा सचिवालय तय करेगा कि विधायकों के लिए झंडी कैसी होगी। विधायकों को झंडी देने के साथ सरकार ने कोरोना के एक्टिव मामलों पर निगरानी रखने की भी जिम्मेदारी दी है। इसके लिए कैबिनेट में कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी में प्रधान, पंचायत सचिव और एनजीओ का एक व्यक्ति शामिल किया जाएगा। विधायक कमेटी का अध्यक्ष होगा। हर सप्ताह जिला स्तर पर बैठकें होंगी। एसडीएम को भी दो सप्ताह में एक बार बैठक में आना अनिवार्य किया है। विधायक हर बैठक में उपस्थित रहेंगे। हिमाचल प्रदेश में बहुप्रतीक्षित झंडी हासिल करने के लिए कुछ विधायकों ने खूब मेहनत की। इनमें से कई बार-बार इस बात को दोहराते रहे कि अगर मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे बड़े अधिकारी अपनी गाड़ियों में झंडी ले सकते हैं तो वे क्यों नहीं, जबकि प्रोटोकॉल में तो विधायक उनसे ऊपर हैं।
हालांकि झंडी देने के फैसले पर बवाल होना भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर सरकार के इस फैसले पर लोगों ने सवाल उठाने भी शुरू कर दिये हैं। एक कांग्रेसी विधायक भी खुलकर इसके विरोध मे आए है।

7- प्रदेश का ऑक्सीजन कोटा हुआ 40 मीट्रिक टन- मुख्यमंत्री।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में कोविड-19 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए समय पर उचित उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना कफ्र्यू के ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। कोरोना मामलों में कमी आ रही है, लेकिन कोरोना के कारण मृत्यु अभी भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से होने वाली मृत्यु को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को पर्याप्त संख्या में मास्क, सेनिटाइजर और दस्तानें उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अपने कर्तव्यों का पालन बेहतर तरीके से और निडर होकर कर सकें। उन्होंने कहा कि बाॅडी बैग और वेस्ट बैग के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्तर पर पर्याप्त संख्या में पीपीई किट उपलब्ध करवाई जानी चाहिए ताकि प्रोटोकाॅल के अनुसार कोविड-19 मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि गंभीर मरीजों को होम आइसोलेशन से अस्पताल में स्थानान्तरित करने पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि समय पर उनका

ईलाज हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर करीब 38 प्रतिशत मृत्यु हुई हैं। इसी प्रकार होम आइसोलेशन में 7.7 प्रतिशत मृत्यु हुई हैं और 4.1 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल में मृत लाया गया है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखनी चाहिए ताकि मरीजों की स्थिति खराब होने पर उन्हें अस्पताल में स्थानान्तरित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने दवाओं, आॅक्सीजन कन्संट्रेटर, आॅक्सीजन सिलेंडर और अन्य जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी प्रदेश का आॅक्सीजन कोटा बढ़ाकर 40 मीट्रिक टन कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आॅक्सीजन की भंडारण क्षमता में 25 मीट्रिक टन की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2500 डी टाइप के सिलेंडर थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 6500 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में ब्लैक फंगस के पांच मामले सामने आए हैं, जिनमें से चार का आॅपरेशन किया जा चुका है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रदेश की जनता को लगभग 22.88 लाख वैक्सीन की खुराकें लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत सरकार ने 18-44 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए आॅन-साइट पंजीकरण और अप्वाइंटमेंट की सिफारिश की है, लेकिन भारत सरकार ने स्थानीय आधार पर आॅन-साइट पंजीकरण करने का निर्णय राज्य सरकार पर छोड़ दिया है। उन्होंने टीकाकरण स्थलों पर भीड़ और असुविधा से बचने के लिए युवाओं से आग्रह किया कि वे कोविन ऐप पर अपना पंजीकरण करवाएं।

8- ग्रीनको ग्रुप ने प्रदेश के लिए 50 आॅक्सीजन कन्संट्रेटर किए भेंट।

ग्रीनको ग्रुप के महाप्रबन्धक अनूप बनयाल ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की अग्रणी कम्पनी ग्रीनको ग्रुप की ओर से आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को 10 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले 50 चिकित्सीय आॅक्सीजन कन्संट्रेटर

प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने ग्रीनको ग्रुप के प्रबन्धन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं महाप्रबन्धक अनिल चालामालासेटी को इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त किया, जो प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के उन्नयन में सहायक सिद्ध होगी। निदेशक शहरी विकास आबिद हुसैन सादिक और उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

9- कोरोना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि।

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कोविड-19 रोगियों और उनके परिजनों की सहायता करने के आग्रह के सकारात्मक परिणाम आए हैं। गत दिनों में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए उठाए गए कदमों के प्रेरणादायक उदाहरण सामने आए हैं। कांगड़ा जिला के विकास खण्ड, इंदौरा की लोधवां पंचायत के उप-प्रधान विकास चम्बियाल अपने कार्यक्षेत्र में न केवल कोविड-19 संक्रमित मृतकों का अंतिम संस्कार स्वयं कर रहे हैं, बल्कि उनके परिजनों को होम आइसोलेशन में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। वह कोरोना मृतकों के परिजनों को हर जरूरी सामान भी मुहैया करवा रहे हैं। विकास चम्बियाल उचित मूल्य की दुकानों से राशन खरीद कर, जरूरतमंदों के घर पहुँचा रहे हैं। जो लोग कोरोना से ग्रस्त होने के बाद डर और अवसाद से गुजर रहे हैं, वह उनकी काउंसलिंग भी कर रहे हैं। मरीजों का हौंसला बढ़ाने के अलावा विकास चम्बियाल लोगों को मास्क, सैनेटाइजर आदि भी बांट रहे हैं। जो व्यक्ति कोरोना के लक्षण महसूस कर रहे हैं, वह उन्हें अपने घर में आइसोलेट होकर जरूरी उपाय करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। विकास चम्बियाल द्वारा किए जा रहे मानवीय कार्यों की क्षेत्र के लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। वह जरूरतमंदों की सहायता कर अन्य सभी के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं।

10- वाह! 400 खिलाडियों ने एक दिन मे कर दिए 6 हजार घर सेनिटाईज।

कोरोना काल मे अक्सर बुरी खबरें ज्यादा सुनने को मिल रही है। लेकिन कभी ऐसी खबरें भी सामने आती है जो टूट चुके इंसान का भी मनोबल बढ़ा देती है  ऐसी ही एक अच्छी खबर मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी से आई है। यहां पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए एथलेटिक सेंटर जोगिंद्रनगर के 400 खिलाड़ियों ने एक दिन में 6 हजार घर सैनिटाइज करके मिसाल पेश की है। खिलाड़ियों की विभिन्न टीमों ने मंडी जिले के सरकाघाट, धर्मपुर, संधोल, मंडप, कोटली, चौंतड़ा और जोगिंद्रनगर में सैनिटाइजेशन अभियान चला रखा है। इसमें राष्ट्रीय स्तर पर धाक जमाने वाली धाविका तमन्ना, अंजना, शालू और धावक प्रवीण, राहुल, रोहित भी विशेष रूप से शामिल रहे। मंगलवार सुबह दस बजे से देर शाम पांच बजे तक जारी सैनिटाइजेशन अभियान की मॉनीटरिंग ऑनलाइन की गई। एथलेटिक सेंटर जोगिंद्रनगर के खेल प्रशिक्षक गोपाल ठाकुर के नेतृत्व में सैनिटाइजेशन कार्यक्रम में विभिन्न गांवों को सैनिटाइज किया जा रहा है। प्रत्येक खिलाड़ी को 15 से अधिक संक्रमित परिवार के घरों को सैनिटाइज करने का जिम्मा सौंपा गया था। एसडीएम अमित मेहरा ने एथलीटों के प्रयासों की सराहना कर उनका हौंसला बढ़ाया।  

11- मौसम अपडेट- 29 से मौसम बदलेगा करवट। 

हिमाचल प्रदेश में 29 मई से मौसम फिर करवट बदलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 29 से 31 मई तक प्रदेश के मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ भागों में बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई हैं। वहीं, मैदानी भागों में भी 30 व 31 मई को बारिश व अंधड़ चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। आज राजधानी शिमला सहित अन्य भागों में धूप खिली रही। दून क्षेत्र काफी गर्म रहे। ऊना और पांवटा साहिब मे गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है।

स्थानीय (सिरमौर)

1- आयुर्वेद विभाग ने आयुष किट बांटी।

पांवटा साहिब और शिलाई उपमंडल में आयुर्वेद विभाग कोरोना महामारी के बीच होम आईसोलेशन मे रह रहे कोविड पोजिटिव मरीजों की देख रेख मे लगे हुआ है। इसी कड़ी में विभाग द्वारा पांवटा साहिब के विभिन्न वार्ड में जा जाकर कोरोना संक्रमित लोगों को आयुष किट दी गई। साथ ही लोगों को कोरोना के बारे में जागरूक किया गया। विभाग के चिकित्सकों ने लोगों को कहा कि बीमारी से डरना नहीं है बल्कि हौंसला रख इसका डटकर मुकाबला

करना है। आयुर्वेद विभाग के चिकित्साधिकारी डॉ.राजन सिंह और डाॅ आदेश गोयल ने बताया कि आयुर्वेद विभाग की टीम कोरोना वायरस को लेकर लोगों को लगातार जागरुक कर रहा है। उन्होंने बताया की पांवटा साहिब और शिलाई में 37 डिस्पेंसरी है और कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए 9 स्पेशल टीमें गठित की गई है। जो कि धरातल पर पहुंचकर लोगों का डाटा कलेक्ट कर रही है और लोगों को आयुष किट बांट रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किट 5 दिनों के भीतर अच्छे परिणाम दे रही है।

2- वीरवार से नाहन में शुरू होगा पोस्ट कोविड केयर सेंटर- उपायुक्त

जिला सिरमौर में पोस्ट कोविड संक्रमित व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ लाभ प्रदान करवाने के द्वष्टिगत जिला मुख्यालय नाहन में 30 बिस्तर युक्त पोस्ट कोविड केयर सेंटर आगामी वीरवार से आरम्भ किया जाएगा।यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डॉ आर. के परुथी ने देते हुए बताया कि जिन लोगों के कोविड टैस्ट नेगेटिव हैं तथा उनमें कोरोना के लक्षण हैं, उन मरीजों को इस पोस्ट कोविड केयर सेंटर में स्वास्थय लाभ संबंधी सुविधएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि इसके तहत 10 बेड डॉ यशवन्त सिंह परमार राजकिय चिकित्सा महाविद्यालय जबकि 20 बेड SFDA हाल नाहन में उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि पोस्ट कोविड केयर सेंटर में रोगी के एक्स-रे, एन्टी बाॅडी़ रिपोर्ट, योग तथा प्राणायम करवाने की सुविधा भी उपलब्ध होगी और यह सेंटर मैडीकल कालेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा आयुष विभाग की देखरेख में संचालित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में वीरवार को पोस्ट कोविड केयर सेंटर नाहन में क्रियाशील होगा तथा उसके पश्चात चरणबद्व रुप से जिला के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में पोस्ट कोविड केयर सेंटर आरम्भ किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सिरमौर में कोविड संक्रमितों की पाॅजीटिव दर कम हो रही है तथा चालू मई माह के अन्त तक इसके सन्तोषजनक परीणाम आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जिला में जन प्रतिनिधि, राजस्व, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी होम आइसोलेशन मे रह रहे कोविड संक्रमित व्यक्तियों के निरन्तर सम्पर्क में हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रे के लोगों को कोविड टेस्ट करवाने, मास्क लगाने, सेनैटाइजर तथा दो गज की दूरी के पालन करने के लिए पे्ररित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला में लोगों की सुविधा के लिये 1077 हैल्पलाइन नम्बर 24 घण्टे क्रियाशील है जिस पर अभी तक 23 लोगों द्वारा कोविड संबधी जानकारी के लिये सम्पर्क किया जा चुका है।

3- स्टील इंडस्ट्रीज कालाअम्ब ने जिला रेड क्रॉस सोसाइटी को भेंट की एंबुलेंस।

स्टील इंडस्ट्रीज कालाअम्ब के सदस्यों ने उपायुक्त कार्यालय नाहन परिसर में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष व उपायुक्त सिरमौर डॉ आर के परुथी को एंबुलेंस भेंट की। डॉ परूथी ने स्टील इंडस्ट्री के सदस्यों का एंबुलेंस के

लिए धन्यवाद करते हुए कहा की इस एंबुलेंस से जिला के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा और वह सही समय पर अस्पतालों में जाकर इलाज सुविधा ले सकेंगे। इस अवसर पर सचिव जिला रेड क्रॉस सोसाइटी एवं सहायक आयुक्त डॉ प्रियंका चंद्रा भी उपस्थित रहीं।

4- सांसद ने सराहां डीसीएचसी के लिए भेंट एंबुलेंस उपायुक्त को सौंपी।

शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने उपायुक्त कार्यालय नाहन में फिएम फाउंडेशन द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत दी गई आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस को आज विधिवत रूप से डेडीकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर सराहां के लिए उपायुक्त सिरमौर को चाबी सौंपकर एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक पच्छाद रीना कश्यप भी उपस्थित थी। इस अवसर पर सुरेश कश्यप ने बताया कि हिमाचल

प्रदेश के सभी सांसद, विधायक व प्रशासन लगातार प्रदेश की जनता को इस महामारी के दौरान हर संभव सहायता मुहैया कराने के लिए प्रयासरत हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी अस्पतालों में कोरोना इलाज से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण जिसमें वेंटीलेटर, ऑक्सीजन बेड, सैनिटाइजर, मास्क आदि उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के नए मामलों में गिरावट आई है लेकिन मृत्यु दर में अभी कमी नहीं आई है। उन्होंने आशा व्यक्त कि की जल्द ही कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पर काबू पा लिया जाएगा। सुरेश कश्यप ने फिएम फाउंडेशन का आधुनिक सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस महामारी में यह एम्बुलेंस पीड़ित मानवता की सेवा में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने समाज के सभी वर्ग विशेषकर स्वयंसेवी संस्थाओं, उद्योगपतियों, महिला मण्डल, युवक मण्डल और जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया की वह इस संकट की घड़ी में अपना योगदान बढ़-चढ़कर कर दें। सुरेश कश्यप ने बताया कि डॉ यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन में जल्द ही 1000 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाएगा।

5- जेएनवी के पूर्व छात्र संगठन ने उपायुक्त को भेंट किए ऑक्सीमीटर और आयुष काढ़ा।

जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन के पूर्व छात्र संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त सिरमौर डॉ आर के परुथी को 50 ऑक्सीमीटर और 100 आयुष काढ़ा भेंट किए। इस अवसर पर डॉ परुथी ने प्रतिनिधिमंडल का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरोना के उन्मूलन में जवाहर नवोदय विद्यालय

के पूर्व छात्र संगठन के सदस्यों द्वारा दिया गया सहयोग बेहद सराहनीय है। ऑक्सीमीटर से जहाँ होम आइसोलेशन में रह रहे लोग अपने ऑक्सीजन लेवल की जांच कर सकेंगे वहीं आयुष काढ़े से वह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा पाएंगे। उन्होंने अन्य सामाजिक संस्थाओं और संगठनों से भी कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में संदीप, राम लाल, हुकम, रेखा, शबाना, सरिता और रक्षा शामिल थे। 

क्राइम/एक्सीडेंट 

1- गाड़ी खाई मे गिरने से एक की मौत।

पांवटा साहिब के सतौन-सालवाला सड़क पर भटरोग के पास सड़क हादसे मे एक व्यक्ति की मौत हो गई है। यह हादसा एक गाड़ी के खाई में गिरने से हुआ है। पुलिस मामले की जांच मे जुट गई है। मिली जानकारी के मुताबिक खजान सिंह पुत्र दौलत राम निवासी नेड़ा, पंचायत दुगाना, सतौन की तरफ से सालवाला के लिए गाड़ी में सवार होकर जा रहा था कि भटरौग के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी। चालक ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई जबकी खजान सिंह गाड़ी के साथ खाई मे जा गिरा जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गाड़ी के खाई में गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हुई और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची व ग्रामीणों की मदद से शव को खाई से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम करवाने के लिए पांवटा साहिब सिविल अस्पताल भेज दिया। डीएसपीपांवटा साहिब वीर बहादुर सिंह ने घटना की पुष्टि की है।

2- अवैध शराब के साथ धरी महिला।

पुलिस थाना पुरूवाला की पुलिस टीम गश्त के दौरान खोड़ोवाला में मौजूद थी तो विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि कुन्ता देवी निवासी खोडोंवाला, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर, अपने घर पर अवैध तौर पर कच्ची शराब बेचने का कार्य करती हैं। उक्त सूचना पर पुलिस ने उक्त महिला के घर पर दबिश दी और मकान की तलाशी ली तो तलाशी के दौरान उक्त महिला की गऊशाला के अन्दर से 35 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। जिस पर उक्त महिला के विरूद्ध पुलिस थाना पुरूवाला में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत मामला दर्ज कर के आगामी अन्वेषण किया जा रहा हैं। 

3- चालान 61, जुर्माना 37 हजार रूपये।

हिमाचल प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने हेतू लगाए गए कोरोना कर्फ्यू के नियमों की उल्लंघना करने पर उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध जिला सिरमौर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए दिनांक 24.05.2021 को मास्क न पहनने, सामाजिक दूरी के नियमों की पालना न करने इत्यादि पर हिमाचल पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए कुल 60 चालान कर के 32000/- रूपऐ जुर्माना किया और एक विवाह आयोजक द्वारा कर्फ्यू के नियमों की उल्लंघना करने पर उसका 5000/रूपऐ का चालान किया गया हैं। 

शाम सात बजे तक का कोविड मीडिया बुलेटिन-