Digital Fraud Alert : ASP राठौर ने बताया कैसे सुरक्षित रहें बिट पुलिसिंग के युग में, 2025 में लगभग 132 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी... ddnewsportal.com

Digital Fraud Alert : ASP राठौर ने बताया कैसे सुरक्षित रहें बिट पुलिसिंग के युग में, 2025 में लगभग 132 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी...  ddnewsportal.com

Digital Fraud Alert : ASP राठौर ने बताया कैसे सुरक्षित रहें बिट पुलिसिंग के युग में, 2025 में लगभग 132 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी...

भारत आज तेजी से डिजिटल बदलाव (Digital Transformation) के दौर से गुजर रहा है। मोबाइल फोन, Online Banking, UPI Payments, Social Media और Digital Government Services ने हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को तेज़ और आसान बना दिया है। टिकट बुक करने से लेकर बिल भरने तक, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से लेकर व्यापार चलाने तक — Technology अब हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुकी है।

लेकिन जहाँ अवसर होते हैं, वहाँ जोखिम भी होते हैं। अपराध भी अब डिजिटल दुनिया में पहुँच चुका है। आज अपराधी ताले नहीं तोड़ते, बल्कि मोबाइल फोन, ईमेल, Fake Websites और सोशल मीडिया मैसेज के जरिए लोगों तक पहुँचते हैं। यही बदलाव “Beat Policing” से “Bit Policing” की ओर संक्रमण को दर्शाता है — जहाँ नागरिकों की सुरक्षा का मतलब है भौतिक और डिजिटल दोनों जगह सुरक्षा सुनिश्चित करना।

हिमाचल प्रदेश की शांत पहाड़ियों में भी Cyber Crime बढ़ रहा है। शिकायतों में वृद्धि दिखाती है कि कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे में जन जागरूकता सबसे मजबूत सुरक्षा बन जाती है।

साइबर अपराध: अकेले हैकर से संगठित उद्योग तक

साइबर अपराध अब किसी अकेले हैकर का काम नहीं रहा। यह एक वैश्विक और संगठित उद्योग बन चुका है। 
विशेषज्ञ इसे “Crime-as-a-Service” कहते हैं — जहाँ अपराधी Tools किराए पर लेते हैं, चोरी किया गया डेटा खरीदते हैं और Professional Fraud Operations चलाते हैं।
Illegal Online Markets में फोन नंबर, बैंक डिटेल और पहचान दस्तावेज आसानी से खरीदे-बेचे जाते हैं। अपराधी नेटवर्क सीमाओं से परे काम करते हैं, जिससे जांच और भी जटिल हो जाती है।

Artificial Intelligence (AI) ने खतरे को और बढ़ा दिया है। अब अपराधी नकली आवाज़ बना सकते हैं, चेहरे की नकल कर सकते हैं और ऐसे मैसेज भेज सकते हैं जो बिल्कुल असली लगते हैं।

उभरते खतरे: Deepfake और “Digital Arrest” ठगी

आज सबसे खतरनाक रुझानों में से एक है Deepfake Fraud। अपराधी Video Call पर पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर कहते हैं कि आप किसी मामले में फँसे हैं और गिरफ्तारी से बचने के लिए पैसे ट्रांसफर करें।

इसे “Digital Arrest Scam” कहा जाता है।

यह बात साफ समझ लें:

कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी फोन, वीडियो कॉल या Digital Payment से पैसे नहीं मांगती।
ऐसी ठगी से पूरे देश में लोगों को आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है, खासकर बुजुर्गों को।
भारत में साइबर अपराध के सामान्य तरीके
हाल के समय में कुछ सामान्य पैटर्न देखे गए हैं:
AI से बने Fake Emails और Messages
Fake Investment Platforms
Job और Work-from-Home Scam
WhatsApp और Telegram Fraud
UPI और QR Code Scam
OTP चोरी
Social Media Impersonation

इन अपराधों में तकनीक से ज्यादा लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल किया जाता है।

हिमाचल प्रदेश: स्थानीय स्थिति
हिमाचल में Cyber Complaints लगातार बढ़ रही हैं:
2023 — 8,077 शिकायतें
2024 — 12,249 शिकायतें
2025 — 18,706 शिकायतें
2025 में लगभग 132 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी रिपोर्ट हुई, जबकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से करीब 29 करोड़ रुपए की राशि Freeze की गई। इससे स्पष्ट है कि तुरंत रिपोर्ट करना कितना जरूरी है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस की पहल, राज्य पुलिस ने कई कदम उठाए हैं:

Cyber Crime Police Stations और Cyber Cells
I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) से समन्वय
1930 Cyber Helpline का प्रचार
स्कूलों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम
Digital Forensics Training

बैंकों के साथ मिलकर Fraud रोकना
Tourist Season में Cyber Advisory

कानूनी ढाँचा: आपकी सुरक्षा के लिए कानून
Information Technology Act, 2000

यह भारत का मुख्य Cyber Law है — जिसमें Hacking, Identity Theft और Online Fraud अपराध माने जाते हैं।

■ Digital Personal Data Protection (DPDP) Act, 2023

यह कानून आपके Personal Data की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और कंपनियों को जिम्मेदार बनाता है।

■ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023

इसमें Online Fraud और Identity Misuse से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

न्यायालय की भूमिका:

Supreme Court के महत्वपूर्ण निर्णय:

Puttaswamy Judgment — Privacy मौलिक अधिकार
Anvar Case — Digital Evidence नियम
Shreya Singhal Case — Online Freedom और जिम्मेदारी

जांच में समय क्यों लगता है?

Cyber Crime में अक्सर शामिल होता है:
कई राज्य या देश
International Transactions
Encrypted Communication
Digital Forensic जांच
इसलिए जांच में समय लग सकता है, लेकिन इससे मजबूत केस बनता है।

आपकी भूमिका: 

डिजिटल सुरक्षा का कवच, बुनियादी सावधानियाँ
OTP या Password साझा न करें
लिंक क्लिक करने से पहले जांच करें
Strong Password रखें
Software Update रखें
Online Banking
Public Wi-Fi से भुगतान न करें
Transaction Alert देखें
तुरंत रिपोर्ट करें
Social Media
Profile Private रखें
Personal Info साझा न करें
Fake Account रिपोर्ट करें
UPI सुरक्षा
UPI PIN कभी न बताएं
Unknown QR Scan न करें
पैसे लेने के लिए PIN नहीं चाहिए
Content Creators के लिए सलाह
Account Security मजबूत रखें
Fake Brand Offers से सावधान रहें
Copyright नियम मानें
Fake News न फैलाएँ
भविष्य की पुलिसिंग
Police अब Data Analytics, Cyber Forensics और Real-Time Monitoring का उपयोग कर रही है। लक्ष्य है Predictive Policing — अपराध होने से पहले रोकना।

SMART Policing —
Strict, Sensitive, Modern, Alert, Tech-enabled।

साझी जिम्मेदारी: 

Cyber Security केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। सरकार, कंपनियाँ, बैंक और नागरिक — सभी को मिलकर काम करना होगा।

जल्दी रिपोर्ट करने से पैसा बचाया जा सकता है।

निष्कर्ष: 

जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा
डिजिटल क्रांति ने हमें नए अवसर दिए हैं, लेकिन नए खतरे भी। सावधानी को आदत बनाना जरूरी है।

Cyber Safety डर नहीं — जिम्मेदारी है।

जागरूक रहकर हम Technology को सशक्तिकरण का साधन बना सकते हैं।

जन संदेश:

“क्लिक करने से पहले सोचें — देर होने से पहले रिपोर्ट करें।”


लेखक: नरवीर सिंह राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, शिमला (हिमाचल प्रदेश)