Achievement: रिसर्च में चमके नाहन कॉलेज के प्रोफेसर गिरिपार क्षेत्र के डॉ. जय चंद, अब शोधार्थियों का करेंगे मार्गदर्शन ddnewsportal.com
Achievement: रिसर्च में चमके नाहन कॉलेज के प्रोफेसर गिरिपार क्षेत्र के डॉ. जय चंद, अब शोधार्थियों का करेंगे मार्गदर्शन
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने दी पी-एच.डी. गाइड की जिम्मेदारी, हिंदी साहित्य में सक्रियता का मिला सम्मान

जिला सिरमौर के राजकीय महाविद्यालय नाहन महाविद्यालय के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि हिंदी विभाग के प्रतिष्ठित कवि, आलोचक एवं प्राध्यापक डॉ. जय चंद को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के हिंदी विभाग द्वारा पी-एच.डी सुपरवाइज़र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। अब वे शोधार्थियों को पी-एच.डी हेतु मार्गदर्शन देने के लिए अधिकृत हो गए हैं।
डॉ. जय चंद का साहित्यिक और अकादमिक सफर अत्यंत प्रेरणादायक रहा है। हिंदी साहित्य के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता, गहन अध्ययन और मजबूत पकड़ ने उन्हें विद्यार्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाया है। वे साहित्य और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करते हुए निरंतर संवाद स्थापित कर रहे हैं।
डॉ. जय चंद के लगभग 30 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं, वहीं उनके शोध आलेख कई प्रतिष्ठित पुस्तकों में भी स्थान पा चुके हैं। पिछले वर्ष उनकी एक महत्वपूर्ण आलोचनात्मक पुस्तक, हिमाचल के सुप्रसिद्ध कवि कुमार कृष्ण की कविताओं पर केंद्रित, प्रकाशित हुई थी, जिसे व्यापक सराहना मिली। इसके साथ ही उनका नया कविता संग्रह भी शीघ्र प्रकाशनाधीन है।
एक प्रखर वक्ता और संवेदनशील युवा कवि के रूप में डॉ. जय चंद ने हिंदी साहित्य में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनकी आलोचनात्मक दृष्टि और साहित्यिक सोच समाज को नई दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो रही है।

यहां आपको बता दें कि उनकी धर्मपत्नी कल्पना शर्मा ने हाल ही में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से एम.ए. हिंदी की परीक्षा में पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल और डॉक्टर पूर्णेन्दु त्रिपाठी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित हुई हैं। उन्हें यह सम्मान देश के माननीय उपराष्ट्रपति के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया, साथ ही 21,000 रुपए की नकद राशि से भी सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, डॉ. जय चंद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत स्नातक स्तरीय हिंदी पाठ्यक्रम के बोर्ड ऑफ स्टडीज के सदस्य भी हैं, जहाँ वे पाठ्यक्रम निर्माण एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महाविद्यालय परिवार, सहकर्मियों एवं विद्यार्थियों ने डॉ. जय चंद को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।