Letter to CM Sukhu: हाटी अधिकार मंच गिरिपार के संयोजक इंद्र सिंह राणा ने सीएम सुक्खू को लिखा पत्र ddnewsportal.com

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Letter to CM Sukhu: हाटी अधिकार मंच गिरिपार के संयोजक इंद्र सिंह राणा ने सीएम सुक्खू को लिखा पत्र

राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों की निर्माण प्रक्रिया और CBSE संबद्ध स्कूलों में सुविधाओं की कमी को लेकर जताई चिंता

हाटी अधिकार मंच गिरिपार के संयोजक इंद्र सिंह राणा सिंहपाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक पत्र भेजा है। यह पत्र मेल के माध्यम से भेजा गया है। इसमे राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों की निर्माण प्रक्रिया को तेज करने और CBSE संबद्ध स्कूलों में स्टाफ व अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमियों को जल्द से से जल्द दूर करने बारे में मांग उठाई गई है।

सीएम को लिखे पत्र में राणा ने कहा है कि 
"अत्यंत विनम्रता के साथ मैं आपका ध्यान एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। महोदय देश प्रदेश और समाज के उत्थान के लिए शिक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान व योगदान है। आपकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ढांचागत सुधार लाने के लिए कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं जिसके लिए मैं तह दिल से आपकी सरकार का शुक्रिया करता हूँ। 

आपकी सरकार के द्वारा 21 जनवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश की हर विधानसभा में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोलने की घोषणा की गई थी। परंतु संबंधित विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना पर कछुआ गति से कार्य करने के कारण घोषणा के लगभग तीन वर्ष पूर्ण होने के बावजूद सिरमौर समेत कई जगहों पर इन स्कूलों का निर्माण कार्य आरंभिक दौर में है। यदि यही कछुआ गति बरकरार रही तो अगले सेशन यानी 2027-2028 में भी ये डे  बोर्डिंग स्कूल संचालित नही हो पाएंगे।

दूसरा महत्वपूर्ण कदम आपकी सरकार द्वारा 151 सरकारी स्कूलों को CBSE से संबद्ध करवाया जाना है जो कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार का एक अत्यंत सराहनीय कदम है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि संबंधित स्कूलों के लिए शिक्षकों की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया पहले तो लगभग एक माह तक माननीय उच्च न्यायालय में उलझी रही फ़िर पंचायती राज चुनावों के चलते लगभग एक महीने तक और लंबित हुई और फिर आचार संहिता हटने के बाद लगभग एक माह से सरकार के स्तर पर उलझी हुई है जिसका खामियाजा इन स्कूलों में पढ़ रहे हजारों विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। इसका एक प्रमुख कारण ये भी है कि CBSE से संबद्ध इन स्कूलों में CBSE सब कैडर शिक्षकों की तैनाती के चक्कर में पहले से सेवारत शिक्षकों के व्यापक स्तर पर नॉन सीबीएसई स्कूलों के लिए तबादले होना है। 

जुलाई माह में वैसे भी एक माह का मानसून ब्रेक पड़ता इस दृष्टि से सेशन के मध्य में भी CBSE से संबद्ध किए गए स्कूलों में शिक्षण प्रक्रिया का सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पाना सही नही ठहराया जा सकता है। CBSE से संबद्ध स्कूलों के लिए सरकार ने जो आउटसोर्स के माध्यम से भिन्न भिन्न पदों के लिए शिक्षक रखने हैं उनकी तैनाती में भी विभाग द्वारा बहुत विलंब किया जा रहा है। 
अतः महोदय से अत्यंत विनम्रता के साथ निम्न बिंदुओं पर त्वरित संज्ञान लेने की गुजारिश करता हूँ:---

1. राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि अगले सेशन यानि 2027-28 में सभी 68 राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों में कक्षाएं बैठ सकें। सिरमौर जिला के सतौन में बन रहे राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल की निर्माण प्रक्रिया आरंभिक चरणों में है। कृपया संबंधित विभाग को निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाने के त्वरित तौर पर निर्देश जारी करें।

2. CBSE सब कैडर के लिए स्टाफ चाहे इन-सर्विस अध्यापक हो चाहे आउटसोर्स से कृपया तमाम शासकीय व प्रशासनिक बाधाओं को दूर करके इनकी चयन और नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करवाएं ताकि इन विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा सके। 

3. सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों की कुछ कक्षाओं जैसे 9वीं कक्षा कि पुस्तके बदलने के बारे में लगभग डेढ़ माह पूर्व न्यूज पेपर आदि से सूचना प्राप्त हुई थी, लेकिन अभी तक भी विद्यार्थियों को नई पुस्तकें उपलब्ध नहीं करवाई गई है। यदि शिक्षा विभाग इनकी पुस्तकें बदलना चाहती था तो इतना विलंब क्यों? कृपया शीघ अति शीघ्र संबंधित कक्षाओं को नई पुस्तकें उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करें।  

4. पुस्तकों के साथ साथ साथ CBSE स्कूलों या अन्य समस्त सरकारी स्कूलों में यदि शिक्षण व खेल कूद से संबंधित कोई अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी है तो कृपया उन्हें भी त्वरित तौर पर पूरा करवाने के निर्देश जारी करें।

5. अंत में निवेदन है कि सरकार इस बात को भी सुनिश्चित करे कि CBSE से संबद्ध किए गए इन 151 स्कूलों में स्टाफ और अन्य आधारभूत सुविधाओं के अभाव में पिछले 3 माह से जो शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक गतिविधियों में नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार और शिक्षा विभाग कैसे करेंगे? कृपया इस बारे में भी संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश जारी करें।

इन्हीं कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मैं आपकी ओर से त्वरित संज्ञान और आवश्यक कार्यवाही की आशा करता हूं।"