जुनियर छात्र की रैगिंग करने पर 6 छात्रों को किया सस्पैंड ddnewsportal.com

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जुनियर छात्र की रैगिंग करने पर 6 छात्रों को किया सस्पैंड 

हिमाचल के इस निजी मेडिकल कॉलेज में सामने आया मामला, पुलिस भी जुटी जांच में।

90 के दशक तक की बात करें तो रैगिंग कालेजों में एक फैशन सा बन गया था और आए दिन रैगिंग के मामले सामने आते थे। उस समय कईं छात्रों ने रैगिंग के डर से जहां काॅलेज की पढ़ाई तक छोड़ दी तो कईयों ने मानसिक रूप से तंग होकर जान दे दी। लेकिन उसके बाद सख्त कानून बनने के बाद एक तरह से रैगिंग पर रोक सी लग गई थी। हालांकि छिटपुट मामले फिर भी सामने आते रहे लेकिन कड़ी कार्रवाई होने से जुनियर छात्रों का मनोबल बढ़ने लगा था और वे निश्चिंत होकर पढ़ाई करने लगे। लेकिन इस पर पूरी तरह से रोक नही लग पाई है। यही कारण है कि अब सोलन जिला के एक निजी मेडिकल कॉलेज में नशे मे धुत सीनियर छात्रों ने एक जुनियर छात्र से रैगिंग की है। दरअसल, सोलन जिले के निजी मेडिकल काॅलेज व अस्पताल एमएमयू सुल्तानपुर में बुधवार रात्रि रैगिंग का मामला सामने आया है। इस मामले में 6 छात्रों को तुरंत प्रभाव से सस्पैंड भी कर दिया गया है। सीएम हैल्पलाइन से मिली जानकारी पर पुलिस ने मेडिकल काॅलेज के कुछ छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक 7 मार्च को एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र को उसी रात 11 बजे काॅलेज के सीनियर छात्रों ने होस्टल के अपने कमरे में बुलाया व उसे मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया। उपरोक्त छात्र जिला कांगड़ा का रहने वाला है व 7 मार्च को ही घर से काॅलेज आया था। मेडिकल काॅलेज के सीनियर छात्रों ने काॅलेज में नए आए छात्र को इतना परेशान कर दिया कि उसने अपने आप को डर के मारे अपने कमरे में ही बंद कर लिया। हैल्पलाइन से स्थानीय पुलिस को जब मामले की जानकारी मिली तो पुलिस चौकी डगशाई के प्रभारी गुरदयाल सिंह अपनी टीम सहित बुधवार दोपहर बाद काॅलेज पहुंचे व मामले की छानबीन में जुट गए। बताया जा रहा है कि सीनियर छात्र रैगिंग लेते समय नशे की हालत में थे व होस्टल के कमरे में पार्टी चल रही थी। अगले दिन जब उपरोक्त छात्र के परिजनों ने छात्र से संपर्क साधने की कोशिश की तो उसने उनका फोन ही नहीं उठाया। छात्र के परिजनों ने काॅलेज के वार्डन को जब इसकी जानकारी दी तो वह छात्र के कमरे में गए व उसका

दरवाजा खुलवाया। होस्टल वार्डन ने पीड़ित छात्र से अपनी शिकायत बारे एप्लीकेशन भी लिखवाई। छात्र रैगिंग किए जाने से इतना डर चुका था कि वह काॅलेज प्रशासन को कुछ भी बताने में कतरा रहा था। परिजनों के कहने पर काॅलेज प्रशासन ने मामले की छानबीन शुरू की परंतु इस मामले में संतोषजनक कार्रवाई न होने के कारण छात्र के परिजनों ने सीएम हैल्पलाइन पर उपरोक्त सारे मामले की शिकायत कर दी।
काॅलेज प्रशासन ने भी इस मामले की जांच काॅलेज की एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी है। इस मामले में 6 छात्रों को सस्पैंड भी कर दिया है। पुलिस ने बताया कि उपरोक्त सीनियर छात्रों का नाम प्रभावित छात्र द्वारा लिया गया है। स्थानीय पुलिस ने भी हिमाचल प्रदेश एंटी रैगिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एएसआई गुरदयाल सिंह ने बताया कि वह मामले की छानबीन कर रहे हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।