NEET Exam News: क्या नीट परीक्षा का पेपर हुआ था लीक! पढ़ें क्या बोली NTA...  ddnewsportal.com

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NEET Exam News: क्या नीट परीक्षा का पेपर हुआ था लीक! पढ़ें क्या बोली NTA... 

देश ईए प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के रिजल्ट में तथकथित गड़बड़ी के बाद मचे हंगामे और सीबीआई जांच की मांग के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि स्टूडेंट्स को ग्रेस अंक देने से नतीजों में फर्क नहीं पड़ा है। एनटीए ने पेपर लीक होने के आरोपों को भी खारिज कर दिया। एनटीए के डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि यह मसला सिर्फ 1600 स्टूडेंट्स का मसला है। पेपर 23 लाख से ज्यादा बच्चों ने दिया था। 4750 सेंटर की बजाय सिर्फ छह सेंटर का मामला है। स्टूडेंट्स की ग्रेस माक्र्स व टॉइम लॉस से जुड़ी आपत्तियों पर विचार करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की जो सिफारिशें आएंगी, हम फैसला लेंगे। एक सप्ताह में इसकी सिफारिशें आ जाएंगी। कमेटी में यूपीएससी के पूर्व सदस्य व कई वरिष्ठ शिक्षाविदों को शामिल किया गया है। सुबोध कुमार ने बताया कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है।


वहीं, पूरी परीक्षा प्रक्रिया बेहद पारदर्शी रही। हमने सभी चीजों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने के बाद रिजल्ट जारी किए हैं। पेपर लीक के आरोपों पर अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो पेपर आया, वह पेपर शुरू होने के बाद आया था। हम अपने प्रोटोकॉल व स्टैंडर्ड को और मजबूत बनाएंगे, ताकि फिर से इस तरह की गलती न हो। सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि टॉइम लॉस होने के मामले पर हमारी समिति ने बैठक की थी और उन्होंने केंद्रों और सीसीटीवी के सभी विवरणों का अध्ययन किया था। उन्हें पता चला कि कुछ केंद्रों पर समय की बर्बादी हुई और छात्रों को इसके लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। समिति ने सोचा कि वे शिकायतों को दूर कर सकते हैं और छात्रों को मुआवजा दे सकते हैं। इसलिए कुछ छात्रों के अंक ग्रेस मार्क्स देकर बढ़ा दिए गए। इसके कारण, कुछ छात्रों की चिंताएं सामने आईं, क्योंकि कुछ उम्मीदवारों को 718 और 719 अंक मिले और छह उम्मीदवार टॉपर बन गए। हमने सभी चीजों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया है और परिणाम जारी किए। 4750 केंद्रों में से, यह समस्या छह केंद्रों तक सीमित थी। और 23 लाख छात्रों में से केवल 1600 छात्रों को इस समस्या का सामना करना पड़ा। छह केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के गलत वितरण के कारण ऐसा हुआ। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कम समय मिला। हमने उच्च न्यायालय में जवाब दिया है कि हमने विशेषज्ञों की एक शिकायत निवारण समिति बनाई है। यह समिति परीक्षा केंद्र से रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज सहित समय की बर्बादी के डिटेल्स पर गौर करेगी। पूरे देश में इस परीक्षा की पारदर्शिता से समझौता नहीं किया गया। कोई पेपर लीक नहीं हुआ। पूरी परीक्षा प्रक्रिया बहुत पारदर्शी रही।