Paonta Sahib: मजदूर नेता प्रदीप चौहान की अपील: चार साल की लड़ाई के बाद अब शौकत अपनी टांग खोने की कगार पर, मदद के लिए आगे आएं लोग ddnewsportal.com

Paonta Sahib: मजदूर नेता प्रदीप चौहान की अपील: चार साल की लड़ाई के बाद अब शौकत अपनी टांग खोने की कगार पर, मदद के लिए आगे आएं लोग ddnewsportal.com

Paonta Sahib: मजदूर नेता प्रदीप चौहान की अपील: चार साल की लड़ाई के बाद अब शौकत अपनी टांग खोने की कगार पर, मदद के लिए आगे आएं लोग

जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन जिला अस्पताल के एक बिस्तर पर शौकत अली जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के भूपपुर निवासी शौकत पिछले चार वर्षों से दर्द, ऑपरेशन और उम्मीद के सहारे जीवन जी रहे हैं। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनकी टांग काटने का फैसला लेना पड़ रहा है।

यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस मेहनतकश इंसान की है जिसने पूरी जिंदगी अपने परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत की। लेकिन एक सड़क हादसे ने उसकी जिंदगी को ऐसी चोट दी, जिससे वह आज तक उबर नहीं पाया।

चार साल पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुए एक सड़क हादसे में शौकत की टांग कई जगह से टूट गई। उस समय उनकी पत्नी आस्मीन के हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी। तीन बड़े ऑपरेशन हुए, लेकिन परिवार की आर्थिक मजबूरियों ने उन्हें आराम करने का मौका नहीं दिया। मजबूरी में उन्होंने फिर ट्रैक्टर चलाना शुरू किया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। एक और हादसे में वही टांग दो जगह से फिर टूट गई।

धीरे-धीरे संक्रमण बढ़ता गया और उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई। जान बचाने के लिए डॉक्टरों ने उनकी टांग में लोहे का बड़ा जंगला लगाया। वर्षों तक वह दर्द और बेबसी के साथ जिंदगी से जूझते रहे।

अब हालात और भी गंभीर हो गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार टांग में मौजूद संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगा है। फिलहाल डॉक्टरों ने सबसे पहले संक्रमण को रोकने का इलाज शुरू कर दिया है। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक संक्रमण नियंत्रित नहीं हो जाता, तब तक टांग काटने जैसी मेजर सर्जरी नहीं की जा सकती। इन्फेक्शन रुकने के बाद ही ऑपरेशन किया जाएगा, जिसमें अभी लगभग एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।

इसी दौरान शौकत की कहानी ज़िंदगी रिटर्न्स की टीम तक पहुंची। आप सभी के सहयोग और दुआओं के सहारे ज़िंदगी रिटर्न्स ने उनके इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए। मोहाली के मैक्स अस्पताल, पीजीआई चंडीगढ़ समेत कई अस्पतालों में उनका इलाज करवाया गया। लाखों रुपये खर्च हुए, अनगिनत लोगों ने मदद की, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

इस बीच मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने शौकत अली की हालत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समाज के सभी वर्गों से मदद की अपील की है। प्रदीप चौहान ने कहा कि शौकत एक मेहनतकश मजदूर हैं, जिन्होंने हमेशा मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण किया है। आज जब वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, तब समाज का दायित्व है कि उनकी और उनके परिवार की हरसंभव मदद की जाए। उन्होंने लोगों से आर्थिक सहयोग के साथ-साथ शौकत के जल्द स्वस्थ होने की दुआ करने की भी अपील की।

आज स्थिति ऐसी है कि डॉक्टर उनकी जान बचाने के लिए संक्रमित टांग को हटाने की तैयारी कर रहे हैं। एक परिवार का सहारा, एक पत्नी का जीवनसाथी और एक मेहनतकश इंसान अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है।

अस्पताल सरकारी है, इसलिए ऑपरेशन का खर्च ज्यादा नहीं आएगा, लेकिन असली संघर्ष ऑपरेशन के बाद शुरू होगा। दवाइयां, कृत्रिम टांग, पुनर्वास और परिवार का खर्च अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

???? ज़िंदगी रिटर्न्स आप सभी से हाथ जोड़कर अपील करता है कि इस परिवार की मदद के लिए आगे आएं।

Account Name: Zindagi Returns
Bank Name: Axis Bank
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MICR Code: 173211102
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हो सकता है आपकी एक मदद, एक शेयर या एक दुआ किसी ऐसे फरिश्ते तक पहुंच जाए जो शौकत और उसके परिवार की जिंदगी में फिर से उम्मीद की रोशनी जगा दे।

चार साल तक हमने उसकी टांग बचाने की लड़ाई लड़ी है, अब उसकी जिंदगी और उसके परिवार की उम्मीदों को बचाने की लड़ाई में आपका साथ चाहिए।