Paonta Sahib: निजी कंपनी की लापरवाही से महिलाओं के सामने रोज़ी-रोटी का संकट, प्रदीप चौहान ने उद्योग मंत्री को लिखा पत्र ddnewsportal.com
Paonta Sahib: निजी कंपनी की लापरवाही से महिलाओं के सामने रोज़ी-रोटी का संकट, प्रदीप चौहान ने उद्योग मंत्री को लिखा पत्र
पाँवटा साहिब के रामपुर घाट क्षेत्र में एक कंपनी बायोवेदा की कथित गंभीर लापरवाही के चलते दर्जनों महिलाओं के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि घर का लालन-पालन करना महिलाओं के लिए मुश्किल होता जा रहा है। इस गंभीर मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता/नेता प्रदीप चौहान ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है।
प्रदीप चौहान ने आरोप लगाया कि संबंधित बायोवेदा कंपनी महिलाओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लेबर इंस्पेक्टर से कई बार बातचीत की जा चुकी है, लेकिन लेबर इंस्पेक्टर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालात यह हैं कि जब बीते रोज पीड़ित महिलाएं लेबर इंस्पेक्टर के कार्यालय पहुंचीं और अपना दुखड़ा सुनाया, तो उन्हें सहयोग मिलने के बजाय अधिकारियों की भाषा में जवाब सुनने को मिला।

प्रदीप चौहान ने कहा कि हाल ही में पीडब्ल्यूडी मंत्री द्वारा दिए गए बयान—कि हिमाचल में कई अधिकारी काम करने को तैयार नहीं हैं—पूरी तरह सही साबित हो रहे हैं। सिरमौर के लेबर इंस्पेक्टर का रवैया भी इसी का उदाहरण है, जिसकी वजह से महिलाएं लगातार परेशान हैं।
उन्होंने बताया कि मजबूर होकर आज दुखी मन से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत पत्र भेजना पड़ा। पत्र में मांग की गई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी कंपनी व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
प्रदीप चौहान ने कहा कि महिलाओं को उद्योग मंत्री से बहुत उम्मीदें हैं। आज महिलाएं दो वक्त की रोटी के लिए तरस रही हैं, घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर विधवा महिलाओं के ऊपर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
■ क्या लिखा है पत्र में...
सेवा में,
उद्योग मंत्री हिमाचल प्रदेश
विषय: बिना पूर्व सूचना के निकाली गई महिला कर्मचारियों को पुनः कार्य पर रखने हेतु आवेदन।
सविनय निवेदन है कि हम Bio Veda Action Research Company की महिला कर्मचारी हैं। हमारे नाम इस प्रकार हैं: जगीरो देवी, सलमा, राखी रानी, अनीता, मनो, संजू देवी, सुनीता झा, अनुराधा, बिंदु भंडारी, रुकसाना, शहनाज़, फ़रीदा तथा गुमसुम महिला कर्मचारी।
हमें अत्यंत दुःख के साथ यह निवेदन करना पड़ रहा है कि हम सभी महिला कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व सूचना अथवा कारण बताए अचानक कंपनी से निकाल दिया गया है। इस प्रकार की कार्रवाई से हम सभी मानसिक, आर्थिक एवं पारिवारिक संकट में आ गई हैं।

हम सभी महिलाएँ अपने परिवार की आजीविका (पालन-पोषण) के लिए पूरी तरह इस नौकरी पर निर्भर हैं। नौकरी समाप्त हो जाने के कारण हमारे लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। हमारे घरों में छोटे बच्चे, बुज़ुर्ग माता-पिता तथा अन्य आश्रित सदस्य हैं, जिनकी ज़िम्मेदारी हम पर है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि हमें पुनः कंपनी में कार्य करने का अवसर प्रदान करें। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस मामले में उचित एवं आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
आपकी अति कृपा होगी।
धन्यवाद।
भवदीया,
Bio Veda Action Research Company की समस्त प्रभावित महिला वर्कर।