Paonta Sahib: हीलिंग पृथ्वी ने नघेता विद्यालय के छात्रों को दी जलवायु परिवर्तन की जानकारी, प्रकृति से सीखो विषय पर साक्षरता सत्र  ddnewsportal.com

Paonta Sahib: हीलिंग पृथ्वी ने नघेता विद्यालय के छात्रों को दी जलवायु परिवर्तन की जानकारी, प्रकृति से सीखो विषय पर साक्षरता सत्र  ddnewsportal.com

Paonta Sahib: हीलिंग पृथ्वी ने नघेता विद्यालय के छात्रों को दी जलवायु परिवर्तन की जानकारी, प्रकृति से सीखो विषय पर साक्षरता सत्र 

समाधान-केंद्रित जलवायु शिक्षा देना समय की जरुरत: स्मृति वर्मा 

आज जब पूरी पृथ्वी जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता क्षरण जैसे (ट्रिपल) तिहरे पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है, तो ऐसे समय में युवाओं को समाधान-केंद्रित जलवायु शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से हीलिंग पृथ्वी द्वारा “प्रकृति से सीखो” विषय पर एक जलवायु साक्षरता सत्र का आयोजन बुधवार 14 जनवरी 2026 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नघेता (पांवटा साहिब) में किया गया। इस सत्र में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 115  छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चे पूरे सत्र के दौरान गंभीर, जिज्ञासु और अत्यंत सजग दिखाई दिए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि युवा पीढ़ी जलवायु मुद्दों को समझने और समाधान खोजने के लिए तैयार है।

सत्र का संचालन हीलिंग पृथ्वी की सचिव स्मृति वर्मा ने किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम जलवायु परिवर्तन को केवल समस्या के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति-आधारित समाधानों के माध्यम से समझने पर केंद्रित है। 

“प्रकृति हमारी सबसे बड़ी शिक्षक है।  प्रकृति सब कुछ पुनर्चक्रित करती है और स्थानीय संसाधनों का उपयोग करती है, बिना नुकसान पहुँचाए निर्माण करती है और संतुलन बनाकर चलती है। यही सिद्धांत हमारी जीवनशैली का आधार बनने चाहिए।” 

प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्रों को प्रकृति से समाधान सीखने की अवधारणा (बायोमिमिक्री) से परिचित कराया गया। साथ ही यह समझाया गया कि कचरे की बढ़ती मात्रा, जीवाश्म ईंधनों के अत्यधिक उपयोग और अति-उपभोग जैसी आदतें किस प्रकार जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देती हैं।
इसके अतिरिक्त छात्रों को घर और विद्यालय स्तर पर अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक जलवायु कदमों की जानकारी दी गई, जिनमें कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक का कम उपयोग, जल एवं ऊर्जा की बचत तथा परिवार के सदस्यों को जागरूक कर सकारात्मक आदतों के लिए प्रेरित करना शामिल है।

मुख्य संदेश देते हुए उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन भविष्य की समस्या नहीं है, यह आज की सच्चाई है। जलवायु परिवर्तन से निपटना केवल ‘पृथ्वी को बचाने’ की बात नहीं है, बल्कि अपनी जीवनशैली और अपने भविष्य को सुधारने की जिम्मेदारी है।”

सत्र में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025 में जलवायु परिवर्तन ने हिमाचल प्रदेश को किस प्रकार प्रभावित किया, तथा  राज्य के ‘हरित ऊर्जा राज्य’ बनने के लक्ष्य में छात्र अपनी दैनिक आदतों और निर्णयों के माध्यम से कैसे योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सक्रिय 'जलवायु संरक्षक' और जिम्मेदार ' पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिक"  बनने के लिए प्रेरित करना था।

इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य छात्रों को हरित एवं टिकाऊ भविष्य के लिए सोचने का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करना था, ताकि वे केवल जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि अपने विचारों और आदतों में सकारात्मक बदलाव ला सकें। हीलिंग पृथ्वी का मानना है कि प्रकृति के सरल सिद्धांतों को समझकर और अपनाकर ही एक टिकाऊ भविष्य का निर्माण संभव है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य कमल सिंह, नोडल अधिकारी हरदीश एवं शिक्षकगण दीपिका शर्मा (VT – हेल्थ केयर) और संगीता (VT – एग्रीकल्चर) ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।