HP Traffic News: डेटा ही तय करेगा भाग्य: हिमाचल पुलिस सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपयोग मे ला रही है eDAR ddnewsportal.com
HP Traffic News: डेटा ही तय करेगा भाग्य: हिमाचल पुलिस सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपयोग मे ला रही है eDAR "डिजिटल कवच"
DGP अशोक तिवारी ने 'जीरो-टॉलरेंस' नीति की घोषणा की; शाम 6 से 9 बजे का समय "डेंजर विंडो" घोषित

हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की त्रासदी के विरुद्ध एक हाई-टेक अभियान छेड़ते हुए, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने Electronic Detailed Accident Report (eDAR) प्रणाली को पूरे राज्य में गहनता से लागू कर दिया है। डेटा इंटेलिजेंस (आंकड़ों की समझ) को अपना हथियार बनाकर, राज्य का लक्ष्य सालाना लगभग 1920 दुर्घटनाओं और 800 से अधिक मौतों के संकट को जड़ से खत्म करना है।
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि "आधुनिक तकनीक प्रभावी पुलिसिंग की रीढ़ है। eDAR के साथ, हमने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। हम केवल दुर्घटनाओं को दर्ज नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके पैटर्न का विश्लेषण कर 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान कर रहे हैं। इससे हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे जवानों की तैनाती वहीं हो जहाँ उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है—ताकि दुर्घटना होने से पहले ही जान बचाई जा सके।"
वहीं, गुरदेव शर्मा, IPS, DIG (ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे) का कहना है कि "वैज्ञानिक विश्लेषण ने शाम 6:00 बजे से 9:00 बजे के बीच को 'डेंजर आवर' (खतरे का घंटा) के रूप में चिन्हित किया है। शाम की इस भीड़ में दृश्यता कम हो जाती है और थकान बढ़ जाती है। हमने इस दौरान अपने नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए राजमार्गों पर विशेष इंटरसेप्टर और गश्ती दल तैनात किए हैं।"
नरवीर सिंह राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP. SV&ACB) एवं सड़क दुर्घटना अन्वेषक का कहना है कि "eDAR पोर्टल दुर्घटना स्थल और न्याय के बीच एक सेतु है। यह अभूतपूर्व पारदर्शिता लाता है, जिससे डिजिटल डेटा सीधे त्वरित बीमा और पीड़ितों को चिकित्सा राहत में बदल जाता है, और कानूनी फाइलों की देरी खत्म होती है।"

■ eDAR आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है:
हिमाचल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल रिपोर्टिंग अब पीड़ित सहायता की कुंजी है:
₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार: यह सुविधा तभी उपलब्ध होगी जब दुर्घटना का विवरण eDAR पर डिजिटल रूप से दर्ज होगा।
फास्ट-ट्रैक क्लेम (त्वरित दावा): बीमा के त्वरित निपटान के लिए eDAR रिकॉर्ड सीधे मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) को भेजे जाते हैं।
'राह-वीर' (गुड सेमेरिटन) पुरस्कार: पीड़ितों की मदद करने वाले नेक नागरिकों को वित्तीय इनाम और कानूनी सुरक्षा तभी मिलेगी जब घटना पोर्टल पर प्रलेखित होगी।
यह पहल माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'एस. राजशेखरन बनाम भारत संघ' के ऐतिहासिक मामले में दिए गए निर्देशों को पूरा करती है, जो नागरिकों के "जीवन के अधिकार" की रक्षा के लिए तकनीक-आधारित डेटा प्रबंधन पर जोर देता है।
प्रवर्तन रणनीति: हमारी कार्ययोजना
पीक आवर पुलिसिंग: शाम 6:00 बजे से 9:00 बजे के बीच सघन गश्त।
तकनीकी निगरानी: उन्नत स्पीड कैमरों और अल्को-सेंसर का उपयोग।
बुनियादी ढांचे में सुधार: अवैध पार्किंग को तत्काल हटाना और तीखे पहाड़ी मोड़ों पर 'हाई-विजिबिलिटी' वाले साइन बोर्ड लगाना।
■ सुरक्षित ड्राइविंग के मंत्र:
"सतर्क रहें आज, जीवित रहें कल।"
"रफ्तार रोमांच तो देती है, पर जान भी लेती है।"
"धीरे चलें – पहाड़ गलतियाँ माफ नहीं करते।"
जारी कर्ता:
कार्यालय, पुलिस महानिदेशक
(ट्रैफिक, टूरिस्ट एवं रेलवे (TTR) विंग)
हिमाचल प्रदेश।
