राजनीति- सत्ता के लिए कुछ भी.....ddnewsportal.com

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राजनीति- सत्ता के लिए कुछ भी.....

सवाल- क्या यह जनमत का अपमान नही? भाजपा ने जिप मे सत्ता के लिए कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को लिया अपने खेमे मे।

भले ही जिला परिषद सिरमौर पर भाजपा का कब्जा हो गया है लेकिन ये ताजपोशी कईं सवाल छोड़ गई है। आज की राजनीति मे कायदे और उसूलों की कोई अहमियत नही रह गई है। जिस भाजपा को जिला परिषद मे जनता ने 17 मे से 8 सीटें देकर नकार दिया उसने जिला परिषद बना ली। और वो भी कांग्रेस समर्थित विजयी सदस्य को अपने खेमे मे लाकर। तो ये भाजपा

की जीत कहाँ से हो गई। और कहाँ गये वो ऊसूल जो पार्टी की स्थापना के समय भाजपा ने बनाए और जिन पर चलकर आज पार्टी यहां तक पंहुची? ये तो प्रदेश मे सतासीन सरकार के नुमाईंदो द्वारा सत्ता हासिल करने का एकमात्र मंसूबा बनकर रह गया। भाजपा ने सिरमौर मे जिला परिषद पर भले ही कब्जा जमा लिया हो परंतु यह सभी जानते हैं कि उसने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के समर्थन से यह जीत हासिल की है। अब इसे कांग्रेस समर्थित सदस्य के पद की लालसा कहें या सत्ता का कथित दबाव, जो एक सदस्य ने

पलटी मार ली। वहीं, दूसरी और देखें तो सिरमौर के भाजपा नेताओं को अपने मुखिया को यह दिखाना है कि जिला सिरमौर मे भाजपा की जिला परिषद बनी है। इसके लिए चाहे भाजपा को उस दल के सदस्य को ही अपने साथ क्यों न लेना पड़ा जो उसका वर्षों से धुरविरोधी रहा है। कुछ भी हो कुल मिलाकर भाजपा ने सिरमौर जिला परिषद काबिज कर ली है। भाजपा के आठ सदस्य जीत कर आए थे लेकिन भंगानी वार्ड से कांग्रेस समर्थित विजयी रही सदस्य ने भाजपा के पक्ष मे वोट डाला है। वहीं, कांग्रेस को भी सोंचना पड़ेगा कि उनका अपना ही सदस्य क्यों पाला बदल गया। इस चुनाव मे संगड़ाह से भाजपा समर्थित जिप सदस्या सीमा कन्याल अध्यक्षा तो कांग्रेस समर्थित भंगानी वार्ड की जिन सदस्या अंजना शर्मा उपाध्यक्ष चुनी गई है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डाॅ राजीव बिंदल, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, खाद्य एवं आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर व पांवटा साहिब भाजपा मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता आदि भी मौजूद रहे।