Paonta Sahib: ये कैसा व्यवस्था परिवर्तन जिसमे व्यथित है पेंशनर्स समाज, बैठक में उठी ये माँगे... ddnewsportal.com

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Paonta Sahib: ये कैसा व्यवस्था परिवर्तन जिसमे व्यथित है पेंशनर्स समाज, बैठक में उठी ये माँगे...

पेंशनर्स वैलफेयर एसोसिएशन पाँवटा साहिब की बैठक डॉ विपन कालिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की जानकारी देते हुए टी पी सिंह महासचिव ने बताया कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमे मुख्य तौर पर पेंशनर्स को वार्षिक बजट से काफी आशा थी परन्तु सरकार ने एक बार फिर निराश किया। 


सरकार ने 3% मंहगाई भत्ते की घोषणा की जो कि जुलाई 2024 की किश्त है जबकि 4% की दो किश्त इससे पूर्व और देय हैं जिनकी कोई जानकारी नहीं दी है। जिससे संशय होता है कि कहीं सरकार इन्हें अदा ही नहीं करना चाहती। यदि ऐसा हुआ तो पेंशनर्स इसे सहन नहीं कर पाएंगे तथा इसके दुष्परिणाम होंगे। अब मंहगाई भत्ता 55% देय हो गया है तथा यह सरकार हमें 42% पर ही अटकाए हुए है। बाद में कहती है की देनदारियों बढ गई हैं जिसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार है। 


पेंशनर्स का कहना है कि सरकार यह नहीं कह सकती कि वित्तीय परिस्थितियों ठीक नहीं हैं क्योंकि अपने वेतन भत्तों में बढोतरी करने में 15 मिनट का समय भी नहीं लगा, सभी एकमत हो गये। यही नहीं 2030 की बढोत्तरी भी अभी कर ली गई। हम आपकी बढोत्तरी से खुश है परन्तु हम तो 2016 की देय राशि के लिए तरस रहे हैं।
 
चिकित्सा बिलों की अदायगी अभी भी नहीं हो पा रही है जिसका कारण बजट की अनुलब्धता का कारण बताया जा रहा है। सरकार से पुनः अनुरोध है कि 2016 से जनवरी 22 तक के सेवानिवर्ति वाले पेंशनर्स को उनके वित्तीय लाभ तुरंत जारी किए जाएं। 8-9-22 के सन्दर्भ में पुनर्निधारण के बकाया के महालेखाकार कार्यालय से निकलवाए जांए। फिक्स चिकित्सा भत्ता पंजाब पध्दति पर 1000/- प्रति माह किया जाए।


इसके साथ ही बैठक में शहर के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में सुचारू यातायात के लिए बद्रीपुर चौक पर में लाल बत्ती के लिए धन्यवाद किया तथा वाई पाइंट, परशुराम चौक व विश्व कर्मा चौक पर भी इसी तरह की व्यवस्था करने की माँग की गई, जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके। बद्रीपुर चौक में बन्द की गई शोचालय की व्यवस्था पुनः आरम्भ की जाए।

बैठक में डा विपन कालिया, टी पी सिंह, शान्ति स्वरूप गुप्ता, सुन्दर लाल मेहता, डी एस सैनी, सुधा कालिया, प्रीतो देवी, एन एस सैनी, सतपाल सिंह, जितेन्द्र दत्त, बी एस भटारा, इन्दु पाल, मधु बेदी, जवाहर सिंह पाल, राकेश बेदी बी एस नेगी, पी एन गुप्ता, यशपाल सिंह, अनीता चड्ढा, के के चड्ढा, एन डी सरीन, लखबीर सिंह, एम आई खान, बी एस बैंन्स आदि मौजूद रहे।