सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठे काॅलेज के प्रोफेसर ddnewsportal.com

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सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठे काॅलेज के प्रोफेसर 

12 दिन की गेट मीटिंग व धरने के बाद भी मांगे न मानने पर उठाया कदम, ये है बड़ी मांग...

हिमाचल प्रदेश के महाविद्यालयों के प्राध्यापकों द्वारा 12 दिनों से चल रही गेट मीटिंग एवं धरनों से सरकार के कान पर जूं न रेंगने के बाद शनिवार को प्रोफेसरों ने प्रदेशभर में सामूहिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। केंद्रीय हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राध्यापक संघ के आह्वान पर श्री गुरु गोबिंद सिंह

जी राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब में एचजीसीटीए के प्रधान डॉ मोहन सिंह, सचिव प्रो रीना चौहान, सह-सचिव प्रो पूजा भट्टी, प्रो उषा जोशी, प्रो रविंदर, प्रो मनदीप सिंह गांधी, प्रो नेहा मिश्रा, प्रो किरण बाला, प्रो दीपा चौहान, प्रो नंदिनी ने प्राचार्या डॉ वीना राठौर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। जिसके पश्चात समस्त स्टाफ सदस्य सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठ

गए। गौरतलब हो कि 23 मई 2022 को भी महाविद्यालय प्राध्यापको द्वारा एकदिवसीय भूख हड़ताल द्वारा मांग रखी थी कि 2016 से लंबित यूजीसी स्केल के अनुसार 7वां वेतनमान अतिशीघ्र लागू किया जाए। इसके अलावा अकारण बन्द की गयी एम फिल एवं पी एच डी की इन्क्रीमेंट को पुनः आरम्भ किया जाए। कॉलेज में नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए और कॉलेज में प्रोफेसर का पद सृजित किया जाए। ये सभी मांगे यूजीसी के नियमों पर आधारित है। डॉ मोहन सिंह ने कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाकर उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।